छोटे बच्चों को बार बार पॉटी क्यों आती है?HealthPlanet

Posted on Tue 18th Oct 2022 : 09:45

बच्चे को बार-बार पॉटी आना क्या है कारण

हर माता पिता को अगर बच्चे को कोई भी परेशानी आती है तो बहुत ही चिंतित हो जाते है ऐसे में बच्चे को बार-बार पॉटी आना (loose motion in kids) शुरू रहता है तो और भी चिंतित हो जाते है। तो आपको बिलकुल भी परेशान होने की जरुरत नहीं है क्युकी आपको इस आर्टिकल में पूरी जानकारी मिल जाएगी की बच्चा बार बार पोटी कर रहा है (bacho ko bar bar poti ana) क्या हो सकता है कारण और छोटे बच्चों के दस्त की दवा और शिशु दिन में कितनी बार पॉटी करता है के बारे में।

दूध पीने के बाद हर बार नवजात शिशु का मलत्याग करना (navjaat shishu ko bar bar potty aana) इस बात का अच्छा संकेत है कि आपका शिशु पर्याप्त दूध पी रहा है। जब आपके शिशु का पेट भर जाता है, तो दूध उसके पाचन तंत्र को उत्तेजित करता है। इससे शिशु को मल त्याग करने की तीव्र इच्छा होती है।

अगर आपका बच्चा बार बार पोटी करता है या नवजात शिशु को बार-बार लैट्रिन करता है (navjaat shishu ko bar bar potty aana) तो उसका ये मतलब बिलकुल भी नहीं है की उनको दस्त (diarrhea यानि की loose motion) हुआ है।

आपका बच्चा छोटा है तो उसमे ये आम बात है पर अगर आपका बच्चा 2 साल से बड़ा है और बार बार पोटी करता है यानि की 2 साल के बच्चे को बार बार पॉटी आना, 3 साल के बच्चे को बार बार पॉटी आना, 4 साल के बच्चे को बार बार पॉटी आना, 5 साल के बच्चे को बार-बार पॉटी आना, 7 साल के बच्चे को बार-बार पॉटी आना जैसी समस्या है तो आपको थोड़ा सावधान रहने की जरूरत है और कई बार पॉटी के साथ कई कई बार बच्चो में कब्ज भी हो जाता है।

बच्चा बार बार पोटी करता है और उनका color हरा या लाल जैसा है और वो कमजोर लगता है तब आपको बच्चे को डॉक्टर से consult करने की जरुरत है। इसके अलावा अक्सर बच्चे बार बार पेशाब भी करते रहते है और यह भी एक समस्या और बीमारी ही है।
बच्चे को बार-बार पॉटी आना (बेबी को बार-बार पॉटी आना) ये हो सकता है कारण
– अगर आपका बच्चा breastfeeding (स्तनपान) करता है तो उनका पूरा आधार उनकी माँ पर ही होता है। मतलब की अगर आपका बच्चा breastfeed (स्तनपान) करता है तब तक आपको अपने खान-पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। आपको ये पता होना चाहिए की नवजात शिशु को कितनी बार दूध पिलाना चाहिए

– बच्चे को बार-बार पॉटी आना अगर नवजात शिशु formula milk (बोतल से दूध) पी रहा है तो तो भी बच्चे को उसे पचाने में दिक्कत आती है जिसकी की वजह से बच्चे का पेट ख़राब हो जाता है और बच्चे को दस्त हो जाता है और वो बार बार पोटी करता है।
– नवजात शिशु अगर गाय का दूध (cow milk) पीता है तब भी उसे दस्त हो सकते है। क्युकी बच्चे की पाचनशक्ति कमजोर होती है जिसके कारण बच्चे को गाय का दूध पचाने में देर लगती है जिसके कारण भी बच्चे को दस्त हो सकता है।

– बच्चा अगर 2 साल से छोटा है तो उसको rotavirus से होने वाले इन्फेक्शन (संक्रमण) से भी दस्त हो सकता है।

– यदि बच्चा घुटने के बल पर चलता है यानि की बच्चा 1 साल से छोटा है तो वो बार बार जमीन को छुएगा और जमीन पर पड़ी हुई चीज़े भी उठाएगा जिस से उसके हाथ गंदे होंगे और हाथो में बैक्टेरिआ (bacteria) लग जायेगा और वो गंदे हाथ अपने मुँह में डालता है तब भी उसको चेप (infection) लग सकता है जिसके कारन बच्चे को दस्त हो सकता है।
– बच्चा अगर 6 महीने से बड़ा है और उसने BLW (ठोस आहार) शुरू कर दिया है तब भी कई सारे बच्चो को दस्त होने की संभावना होती है क्युकी बच्चे बड़े बड़े टुकड़ो को सही से चबा नहीं सकते और उसका पेट ख़राब हो जाता है।

– छोटे बच्चे को बार-बार पॉटी आना का संभवित कारण यह भी होता है की बच्चे को दांत आने की शुरुआत होती इसी लिए भी हो सकता है वो बार बार पोटी करता हो।
– अगर बच्चा बड़ा है तो वो कही बहार ऐसे कुछ खाना खा लेते है जिस से उसका पेट ख़राब हो सकता है जैसे की, ब्रेड,पिज़्ज़ा,बर्गर ये सब fast-food खाने से भी बच्चे को कई बार दस्त की समस्या हो जाती है और वो बार बार पोटी जाता है।

– कई बार बच्चा ज्यादा fruits और liquid items ज्यादा खा-पी लेता उसकी वजह से भी बच्चे को दस्त हो सकता है।

– छोटा या बड़ा बच्चा egg ,peanut, bread ऐसा कुछ खा लेते जिस से उसको अलेर्जी हो तो उस से भी बच्चे का पेट ख़राब हो सकता है और बच्चे को बार बार पोटी जाना पड़ता है।

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